ओडिशा में मलेरिया के सबसे अधिक मामले भारत में दर्ज होते हैं। जल्दी पहचान और उपचार गंभीर जटिलताओं को रोक सकते हैं।
मलेरिया एक गंभीर बुखार की बीमारी है, जो प्लाज़्मोडियम परजीवी के कारण होती है। ये परजीवी संक्रमित मादा एनोफ़ेलीज़ मच्छर के काटने से खून में प्रवेश करते हैं। शरीर में पहुँचकर ये पहले लीवर में और फिर लाल रक्त कोशिकाओं में पनपते हैं — जिससे बुखार, ठंड और थकान का चक्र बनता है। ओडिशा के बालेश्वर, मयूरभंज और कोरापुट जैसे जिले देश के सबसे अधिक मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में हैं, जहाँ जून से नवंबर के मानसून महीनों में मामले तेजी से बढ़ते हैं।